गेंहू के रोग और उनकी पहचान करने के तरीके

आज के इस आर्टिकल मे हम गेंहू के रोग  (Genhu Ke Rog) के बारे मे बात करेंगे। गेंहू की फसल मे विभिन्न प्रकार के रोग लगते है जैसे की Wheat Rust Disease अगर इन रोगो का सही समय पर उपचार न किया जाये तो इससे हमारी पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। जिसके कारण किसान को उसकी लागत के अनुसार उपज नहीं मिलती है।

गेंहू के रोग होने के कारण

1. Karnal bunt 

Genhu Ke Rog | Digitaleducate
Karnal Bunt Disease

 

गेंहू के रोग में  Karnal bunt एक प्रकार की  फफूंदी होती है। 1931 में  मित्रा नाम के एक साइंटिस्ट ने हरियाणा के करनाल डिस्ट्रिक्ट में इस रोग की खोज की। इस रोग का प्रभाव मुख्यता फसल में बालियों और दानों में दिखाई पड़ता है।  इस रोग के बढ़ने पर दाने काले रंग के पड़ जाते हैं इसका मुख्य कारण Teliospores होता है। इस रोग को पहचानने के मुख्य 2 तरीके होते हैं, पहला दानों का काला पड़ना और दूसरा फसल में से मछली जैसी गंध का आना होता है। फसल में मछली जैसी गंध Trimethyle amine के कारण आती है। 

2. Stem or Black rust of wheat

Black rust of wheat
Black rust of wheat

 

गेंहू के रोग में प्रमुख Black rust रोग का मुख्यता प्रभाव फसल मे मार्च और अप्रैल के महीने मे दिखाई पड़ता है। इस रोग के शुरुआती लक्षण पोधो की पत्तियों और तने के कुछ हिस्सों पर हल्के-हल्के धब्बो के रूप मे  दिखाई पड़ते है। ये धब्बे धीरे- धीरे अधिक मात्रा मे बनते रहते है। कुछ दिनों के  धब्बे एकत्रित होकर भूरे रंग के दिखने लगते है। बाद मे Teliospore के कारण ये सभी धब्बे काले रंग मे बदल जाते है। इस रोग से ग्रसित पोधो मे दाना सिकुड़ा हुआ बनता है।

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3. Stripe or Yellow Rust of wheat

Genhu Ke Rog | Yellow Rust of wheat
Stripe or Yellow Rust of wheat

 

Yellow rust  ज्यादातर जनवरी के महीने मे  फसल पर दिखने सुरु होते है। इस रोग के लक्षण पोधो मे सबसे पहले पत्तियों पर दिखाई पड़ते है। जैसे जैसे रोग बढ़ता है, वैसे-वैसे इनका प्रभाव पत्तियों के साथ-साथ तनो पर बी दिखने लगता है।  ये रोग North India की फसलों के लिए बहुत खतरनाक होता है।

4. Leaf, Brown or Orange Rust

Genhu Ke Rog | Leaf, Brown or Orange Rust
Leaf, Brown or Orange Rust

 

यह गेंहू के रोग (Genhu Ke Rog) मुख्यता फसलों मे  जनवरी माह मई लगता है। इसके शुरुआती लक्ष्ण फैलने का मुख्या कारण Uredospore होता है। ये रोग पोधो मे पत्तियों व तनो पर दिखाई पड़ता है, मगर इसका ज्यादातर प्रभाव पत्तियों पर देखने को मिलता है।  इस रोग को Orange Rust इसलिए  कहते है क्युकी इसमें Orange Uredo-sori बनते है। इसी के कारण इसका नाम ये पड़ा। Leaf रस्ट रोग का सीधा प्रभाव उपज पर पड़ता है।

5. Loose smut

Loose smut | Genhu Ke Rog
Loose smut

 

Loose smut रोग का प्रकोप फसल मे दानो पर पड़ता है। इस रोग के लक्षणो मे एक मुख्य लक्ष्ण है कि फसल मे दानो के ऊपर काले रंग का पाउडर एकत्रित हो जाता है। दानो का काला रंग Spores के कारण होता है। ये रोग हवा के द्वारा एक पौधे से दूसरे पौधे तक पहुंच जाता है। जब पोधो पर ये रोग लगा होता है तब वहाँ पर काफी मात्रा मई Spores एकत्रित रहते है। यही बाद मे हवा के द्वारा दूसरे पोधो पर पहुंच जाते है, जिससे दूसरा ग्रसित हो जाता है। इसमें फसल जल्दी -जल्दी ग्रसित होती है। स्पोर्स, Membrane से ढके हुए होते है। और जब बाद मे ये स्पोर्स अलग -अलग होते है, तब काले रंग का पाउडर देखने को मिलता है। 

 

दोस्तों उम्मीद करता हुँ आपको हमारा ये ब्लॉग Genhu Ke Rog काफी पसंद आया होगा। आगे के blogs मे हम और व फसल के रोगो के बारे मे बात करेंगे।

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  1. Unknown

    Best blog about agriculture crop keep it up…..

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